हम हैं आपके साथ

कृपया हिंदी में लिखने के लिए यहाँ लिखे.

आईये! हम अपनी राष्ट्रभाषा हिंदी में टिप्पणी लिखकर भारत माता की शान बढ़ाये.अगर आपको हिंदी में विचार/टिप्पणी/लेख लिखने में परेशानी हो रही हो. तब नीचे दिए बॉक्स में रोमन लिपि में लिखकर स्पेस दें. फिर आपका वो शब्द हिंदी में बदल जाएगा. उदाहरण के तौर पर-tirthnkar mahavir लिखें और स्पेस दें आपका यह शब्द "तीर्थंकर महावीर" में बदल जायेगा. कृपया "सच का सामना" ब्लॉग पर विचार/टिप्पणी/लेख हिंदी में ही लिखें.

रविवार, जून 12, 2011

मैंने पत्नी की जो मानसिक यातनाएं भुगती हैं

मेरी पत्नी और सुसराल वालों ने महिलाओं के हितों के लिए बनाये कानूनों का दुरपयोग करते हुए मेरे ऊपर फर्जी केस दर्ज करवा दिए. इससे  मेरी परेशानियों में बढ़ोतरी हुई. थोड़ी बहुत पूंजी अपने कार्यों के माध्यम जमा की थी. सभी कार्य बंद होने के, बिमारियों की दवाइयों में और केसों की भागदौड़ में खर्च होने के कारण आज स्थिति यह है कि-पत्रकार हूँ कुछ कानूनों की जानकारी रखता हूँ. इसलिए भीख भी नहीं मांग सकता हूँ और अपना ज़मीर व ईमान बेच नहीं सकता हूँ. अत: कल ही मैंने कल ही राष्ट्रपति से इच्छा मुत्यु प्रदान करने की मांग की हैं. अपना घर बसाने के लिए मैंने अपनी पत्नी के बहुत अत्याचार सहे. शायद उसमें कोई सुधार आ जाए. मगर सुधार आने की वजय बल्कि उसका व्यवहार और ज्यादा क्रूर होता गया. मैंने अपनी पत्नी द्वारा दी जो मानसिक यातनाएं भुगती हैं. उनको कल ही दिल्ली पुलिस कमिश्नर श्री बी.के. गुप्ता और दिल्ली हाई कोर्ट के श्री दीपक मिश्रा जी को एक पत्र में लिखकर भेजा है. शायद कोई उच्च पद पर बैठा अधिकारी मेरी ईमानदारी और विश्वास करें. अगर उनके दिल के किसी कोने में इंसानियत बची होगी तो शायद मुझे इन्साफ मिल जाए.  

3 टिप्‍पणियां:

  1. यहाँ सब अंधे, बहरे है, कोई देखेगा भी नहीं ।

    उत्तर देंहटाएं
  2. यहाँ पत्र पढ़ने में दिक्कत हो रही है। छोटा है, इसलिए दिख नहीं रहा।

    उत्तर देंहटाएं

अपने बहूमूल्य सुझाव व शिकायतें अवश्य भेजकर मेरा मार्गदर्शन करें. आप हमारी या हमारे ब्लोगों की आलोचनात्मक टिप्पणी करके हमारा मार्गदर्शन करें और हम आपकी आलोचनात्मक टिप्पणी का दिल की गहराईयों से स्वागत करने के साथ ही प्रकाशित करने का आपसे वादा करते हैं. आपको अपने विचारों की अभिव्यक्ति की पूरी स्वतंत्रता है. लेकिन आप सभी पाठकों और दोस्तों से हमारी विनम्र अनुरोध के साथ ही इच्छा हैं कि-आप अपनी टिप्पणियों में गुप्त अंगों का नाम लेते हुए और अपशब्दों का प्रयोग करते हुए टिप्पणी ना करें. मैं ऐसी टिप्पणियों को प्रकाशित नहीं करूँगा. आप स्वस्थ मानसिकता का परिचय देते हुए तर्क-वितर्क करते हुए हिंदी में टिप्पणी करें.
आप भी अपने अच्छे व बुरे बैवाहिक अनुभव बाँट सकते हैं.

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...